एसजीटी यूनिवर्सिटी

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एसजीटी यूनिवर्सिटी
– फोटो : अमर उजाला

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कोविड-19 के बाद भी स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसा करके संक्रमण के खतरे से दूर रहा जा सकता है। एसजीटी यूनिवर्सिटी का प्रबंधन इस बात में पूरी तरह विश्वास करता है कि दुबारा खुलने के बाद यूनिवर्सिटी में हर तरह के एहतियाती कदम उठाए जाएंगे जिनसे कोरोना से बचाव होता है। उदाहरण के लिए कक्षाओं में डेस्क के बीच छह फीट की दूरी रखी जाएगी तथा कक्षाओं में सभी सुविधाएं होंगी, लेकिन वे छोटी होंगी। यानी एक कक्षा में बहुत अधिक छात्र नहीं होंगे।

कक्षाओं में छात्रों को साफ-सफाई के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। दुबारा खुलने के बाद एसजीटी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा जिससे कोरोनावायरस का फैलाव हो ही नहीं। कक्षाओं में छात्र दूरी बनाकर बैठेंगे। एक डेस्क को दो से अधिक छात्र शेयर नहीं कर सकेंगे। छात्रों और स्टाफ के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा। खेल तथा समूह में होने वाली अन्य अतिरिक्त गतिविधियों से यथासंभव दूरी बनाकर रखी जाएगी। साफ-सफाई के आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। 

रोज क्लास शुरू होने से पहले कक्षाओं को सेनिटाइज किया जाएगा। कक्षा में जाने से पहले छात्र-छात्राओं को भी सेनिटाइज किया जाएगा। कक्षा में छात्र-छात्राओं की घूमने-फिरने की गतिविधियां सीमित होंगी। परिवहन के साधनों को सेनिटाइज किया जाएगा और बोर्डिंग से पहले यात्रियों को सेनिटाइज किया जाएगा। यूनिवर्सिटी के पास परिवहन के साधनों की पूरी व्यवस्था है। यूनिवर्सिटी में साफ-सफाई के नियमों का पालन करने के लिए दिशा-निर्देश बनाए गए हैं, जिनमें संक्रमण से बचाव के उपायों को शामिल किया गया है। 

यूनिवर्सिटी परिसर में घुसने से पहले छात्रों और अध्यापकों की स्क्रीनिंग की जाएगी। यदि किसी का तापमान अधिक पाया जाएगा तो उसे जाँच या आइसोलेशन के लिए भेजा जाएगा।  एसजीटी यूनिवर्सिटी के दिशा-निर्देशों से सभी परिचित हों, इसके लिए यूनिवर्सिटी ने ओरिएंटेशन और ट्रेनिंग प्रोग्राम की व्यवस्था की है जिसमें छात्र, अध्यापक और यूनिवर्सिटी के स्टाफ भाग लेंगे जिससे वे दिशा-निर्देशों और व्यवस्था को पूरी तरह जान सकें।

 

ओरिएंटेशन प्रोग्राम में इस तरह के दिशा-निर्देश पर प्रकाश डाला जाएगा कि छात्र, अभिभावक, अध्यापक और स्टाफ कोरोना के मद्देनजर किस तरह और कितनी दूरी बनाकर एक-दूसरे से मिल सकते हैं।  ट्रेनिंग मैन्यूअल, वीडियो क्लीप, सूचना पुस्तिका, पोस्टर, संकेतक आदि के माध्यम से सभी लोगों को जागरूक किया जाएगा जिससे घातक वायरस के फैलाव को रोका जा सके। यह बात सच है कि कोविड-19 महामारी ने लोगों के मन में एक खौफ का माहौल बना दिया है लेकिन यदि बहुत सावधानी और सतर्कता से कार्य किया जाए तो इस स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सकता है। एसजीटी यूनिवर्सिटी का मानना है कि शिक्षा की निरंतरता को जारी रखते हुए इसे (शिक्षा को) एक टूल बनाकर इस महामारी लड़ा जा सकता है।  निश्चित तौर पर श्री गुरु गोविंद सिंह ट्राइसेन्टीनरी यूनिवर्सिटी, गुरुग्राम के छात्र-छात्राएं अपने विचारों को कार्रवाई और प्रभाव में बदलते हैं।

एसजीटी यूनिवर्सिटी नई खोज, नए शोध के लिए एक पावरहाउस की तरह है। यहां हमेशा नए क्षेत्रों में शोध कार्य होते रहते हैं जो स्थानीय लोगों के लिए भी उपयोगी होते हैं। हमारे छात्र, अध्यापक और शोधार्थी चिकित्सा, दंत चिकित्सा, पर्यावरण, इंजीनियरिंग, आँकड़ा विज्ञान आदि क्षेत्रों में शोध को लेकर अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।  सामुदायिक सेवा में भी एसजीटी यूनिवर्सिटी महत्त्वपूर्ण भूमिका में है। शोध भागीदारी के रूप में यूनिवर्सिटी शोधार्थियों और स्थानीय व्यवसाय के बीच सेतु की तरह है। नए-नए शोध के लिए यहाँ अच्छे माहौल के साथ प्रोत्साहन भी है जिसका फायदा छात्र-छात्राएँ उठाते हैं। शोध के लिए इतने अवसर मिलते हैं कि कोई भी इससे अछूता नहीं रह सकता। एसजीटी यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राएँ पढ़ाई के साथ ही शोध के माध्यम से पूरी तरह समाज-हित के कार्य में लगे हुए हैं।

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कोविड-19 के बाद भी स्वास्थ्य और सुरक्षा संबंधी उपायों को अपनाना बहुत जरूरी है, क्योंकि ऐसा करके संक्रमण के खतरे से दूर रहा जा सकता है। एसजीटी यूनिवर्सिटी का प्रबंधन इस बात में पूरी तरह विश्वास करता है कि दुबारा खुलने के बाद यूनिवर्सिटी में हर तरह के एहतियाती कदम उठाए जाएंगे जिनसे कोरोना से बचाव होता है। उदाहरण के लिए कक्षाओं में डेस्क के बीच छह फीट की दूरी रखी जाएगी तथा कक्षाओं में सभी सुविधाएं होंगी, लेकिन वे छोटी होंगी। यानी एक कक्षा में बहुत अधिक छात्र नहीं होंगे।

कक्षाओं में छात्रों को साफ-सफाई के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा। दुबारा खुलने के बाद एसजीटी यूनिवर्सिटी में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा जिससे कोरोनावायरस का फैलाव हो ही नहीं। कक्षाओं में छात्र दूरी बनाकर बैठेंगे। एक डेस्क को दो से अधिक छात्र शेयर नहीं कर सकेंगे। छात्रों और स्टाफ के लिए मास्क लगाना अनिवार्य होगा। खेल तथा समूह में होने वाली अन्य अतिरिक्त गतिविधियों से यथासंभव दूरी बनाकर रखी जाएगी। साफ-सफाई के आवश्यक दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। 

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