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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Up to date Fri, 15 Might 2020 06:11 PM IST

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UP Board 2020: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने पूरे दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में भारत की सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। बिजनेस सेक्टर से लेकर शिक्षा सेक्टर तक हर क्षेत्र आज इस महामारी के चलते प्रभावित है। न जानें कितने राज्यों ने अपनी बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

इसके अलावा शिक्षा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समय रहते संपन्न हो गई। छात्र-छात्राओं को अब परीक्षा के परिणामों का इंतजार है। अपना समय व्यर्थ करने की बजाय छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के बारे में सोचें। यह समय उत्तम है। यहां  हम आपको एक ऐसी फील्ड के बारे में बता रहे हैं जिससे माध्यम से आप प्राइवेट नौकरी के साथ सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं।

लाइब्रेरी साइंस –

  • यदि आपको किताबों, पत्र-पत्रिकाओं और नवीनतम सूचनाओं से लगाव है। तो लाइब्रेरी साइंस को आप अपना करियर बना सकते हैं।
  • आजकल लाइब्रेरियों की संख्या में हो रहा इजाफा भी इस करियर विकल्प को बेहतर बना रहा है।
  • बदलते समय के साथ लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा या डिग्रीधारकों के लिए सरकारी के अलावा निजी लाइब्रेरियों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
  • लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों का रख-रखाव करना ही नहीं होता है। बल्कि अन्य जर्नल्स एवं किताबों की सुरक्षा करना भी उसका दायित्व होता है।
  • लाइब्रेरी की देखभाल और व्यवस्था, बजट तैयार करना, वर्गीकरण व कैटलॉगिंग और नई पुस्तकों आदि के बारे में रिकंमडेशन करना भी इन्हीं के काम में शामिल है।
  • इसके अलावा लाइब्रेरियन को हमेशा किताबों से संबंधित जानकारियों एवं सूचनाओं से भी अपडेट होते रहना चाहिए। ताकि वह लाइब्रेरी की बेहतरी के लिए नए काम कर सके।
  • लाइब्रेरियन टेक्निकल, एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंस से संबंधित सारी बातों का इंचार्ज होता है।
  • लाइब्रेरियनशिप के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग जरूरी होती है। लाइब्रेरी साइंस में एक वर्षीय बैचलर डिग्री पाठ्यक्रम करने के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम स्नातक स्तर की योग्यता होनी चाहिए।
  • इसी तरह एक वर्षीय मास्टर्स डिग्री पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है। जिसके लिए अभ्यर्थी के पास लाइब्रेरी साइंस में बैचलर डिग्री होनी चाहिए।
  • यदि विद्यार्थी इस क्षेत्र में अनुसंधान या टीचिंग जॉब पाना चाहता है, तो वह लाइब्रेरी साइंस में एमफिल या पीएचडी तक का पाठयक्रम करके भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
  • लाइब्रेरी साइंस में डिग्री या डिप्लोमा धारकों को सरकारी एवं निजी लाइब्रेरियों के अलावा’ गैलरीज, आर्काइव्स, इन्फॉर्मेशन एंड डॉक्यूमेंटेशन सेंटर्स, पब्लिशिंग हाउस आदि में प्लेसमेंट मिल सकती है।
  • इसी तरह उन्हें रिसर्च, कन्सल्टेंट्स कैटलॉगर्स आदि के रूप में कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर जॉब मिलने की संभावना होती है।

 

UP Board 2020: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी ने पूरे दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया है। ऐसे में भारत की सरकार ने 17 मई तक लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। बिजनेस सेक्टर से लेकर शिक्षा सेक्टर तक हर क्षेत्र आज इस महामारी के चलते प्रभावित है। न जानें कितने राज्यों ने अपनी बोर्ड की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।

इसके अलावा शिक्षा के बड़े-बड़े कार्यक्रमों को भी स्थगित कर दिया गया है। लेकिन यूपी बोर्ड की परीक्षाएं समय रहते संपन्न हो गई। छात्र-छात्राओं को अब परीक्षा के परिणामों का इंतजार है। अपना समय व्यर्थ करने की बजाय छात्र-छात्राएं अपने भविष्य के बारे में सोचें। यह समय उत्तम है। यहां  हम आपको एक ऐसी फील्ड के बारे में बता रहे हैं जिससे माध्यम से आप प्राइवेट नौकरी के साथ सरकारी नौकरी भी पा सकते हैं।

लाइब्रेरी साइंस –

  • यदि आपको किताबों, पत्र-पत्रिकाओं और नवीनतम सूचनाओं से लगाव है। तो लाइब्रेरी साइंस को आप अपना करियर बना सकते हैं।
  • आजकल लाइब्रेरियों की संख्या में हो रहा इजाफा भी इस करियर विकल्प को बेहतर बना रहा है।
  • बदलते समय के साथ लाइब्रेरी साइंस में डिप्लोमा या डिग्रीधारकों के लिए सरकारी के अलावा निजी लाइब्रेरियों में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं।
  • लाइब्रेरियन का काम सिर्फ किताबों का रख-रखाव करना ही नहीं होता है। बल्कि अन्य जर्नल्स एवं किताबों की सुरक्षा करना भी उसका दायित्व होता है।
  • लाइब्रेरी की देखभाल और व्यवस्था, बजट तैयार करना, वर्गीकरण व कैटलॉगिंग और नई पुस्तकों आदि के बारे में रिकंमडेशन करना भी इन्हीं के काम में शामिल है।
  • इसके अलावा लाइब्रेरियन को हमेशा किताबों से संबंधित जानकारियों एवं सूचनाओं से भी अपडेट होते रहना चाहिए। ताकि वह लाइब्रेरी की बेहतरी के लिए नए काम कर सके।
  • लाइब्रेरियन टेक्निकल, एडमिनिस्ट्रेटिव और फाइनेंस से संबंधित सारी बातों का इंचार्ज होता है।
  • लाइब्रेरियनशिप के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग जरूरी होती है। लाइब्रेरी साइंस में एक वर्षीय बैचलर डिग्री पाठ्यक्रम करने के लिए उम्मीदवार के पास कम से कम स्नातक स्तर की योग्यता होनी चाहिए।
  • इसी तरह एक वर्षीय मास्टर्स डिग्री पाठ्यक्रम भी उपलब्ध है। जिसके लिए अभ्यर्थी के पास लाइब्रेरी साइंस में बैचलर डिग्री होनी चाहिए।
  • यदि विद्यार्थी इस क्षेत्र में अनुसंधान या टीचिंग जॉब पाना चाहता है, तो वह लाइब्रेरी साइंस में एमफिल या पीएचडी तक का पाठयक्रम करके भी अपने सपनों को पूरा कर सकता है।
  • लाइब्रेरी साइंस में डिग्री या डिप्लोमा धारकों को सरकारी एवं निजी लाइब्रेरियों के अलावा’ गैलरीज, आर्काइव्स, इन्फॉर्मेशन एंड डॉक्यूमेंटेशन सेंटर्स, पब्लिशिंग हाउस आदि में प्लेसमेंट मिल सकती है।
  • इसी तरह उन्हें रिसर्च, कन्सल्टेंट्स कैटलॉगर्स आदि के रूप में कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर जॉब मिलने की संभावना होती है।

 



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